Sad Shayari in Hindi

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मैं घर का रास्ता भूला, जो निकला आपके शहर से, इमारत दिल की ढह गई, आपके हुस्न के कहर से, खुदा माना, आप न माने, वो लम्हे गए यूँ ठहर से, वो लम्हे याद करता हूँ तो लगते हैं अब जहर से।

मेरी यादों से अगर बच निकलो, तो ये वादा है मेरा तुमसे, मैं खुद दुनिया से कह दूंगा, कमी मेरी वफ़ा में थी।

ज़माने की ये गर्दिशें परेशां करती हैं, कोई ले चले जहाँ नफस का फ़साना न हो।

मोहब्बत की आजतक बस दो ही बातें अधूरी रही, एक मै तुझे बता नही पाया, और दूसरी तुम समझ नही पाये..

कुछ गम…कुछ ठोकरें… कुछ चीखें उधार देती है… कभी कभी जिंदगी… मौत आने से पहले ही मार देती है…

कुछ अजीब सा चल रहा है, ये वक्त का सफर… एक गहरी सी खामोशी है खुद के ही अंदर…